कर विवादों को कम करने और करदाताओं को अधिक राहत प्रदान करने के लिए, जीएसटी परिषद ने अपनी 53वीं बैठक में जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत जारी मांग नोटिस या आदेशों पर ब्याज और दंड माफ करने की सिफारिश की थी। वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए, ऐसे मामले जिनमें धोखाधड़ी, तथ्यों को छिपाना या जानबूझकर गलत बयानबाजी आदि शामिल नहीं है, इस छूट का लाभ उठाने के लिए पात्र हैं। हालाँकि, उक्त मामले में मांगे गए पूरे कर का भुगतान 31.03.2025 को या उससे पहले किया जाना है।
इस के लिए जीएसटी नियम, 2017 की नियम संख्या 164 को अधिसूचना संख्या 20/2024 दिनांक 1 नवंबर 2024 के जरीये प्रभावी किया है। 8 अक्टूबर 2024, द्वारा अधिसूचित इस नियम ने उक्त माफी योजना के लिए प्रक्रियात्मक दिशानिर्देशों को स्पष्ट किया। इस माफी योजना के तहत, जिन करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए धारा 73 के तहत नोटिस या आदेश जारी किया गया है, उन्हें फॉर्म जीएसटी एसपीएल -01 या फॉर्म जीएसटी एसपीएल -02 में आवेदन दाखिल करना होगा। हे अधिसूचित तिथि 31.03. 2025 से तीन महीने के भीतर तक सामान्य पोर्टल दाखिल करना आवश्यक है।
इस संबंध में जीएसटीएन द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं और फॉर्म जीएसटी एसपीएल-01 और फॉर्म जीएसटी एसपीएल-02 अभी भी विकासाधीन हैं और जनवरी 2025 के पहले सप्ताह से आम पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। इस बीच सरकार ने करदाताओं को 31 मार्च 2025 या उससे पहले भुगतान करने का निर्देश दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि धारा 73 के तहत जारी नोटिस, विवरण, आदेश में मांगी गई कर राशि का भुगतान छूट का लाभ प्राप्त करने की समय सीमा से पहले किया जाना अनिवार्य है।
करदाता मांग आदेश के मामले में "मांग के अनुसार भुगतान" सुविधा के माध्यम से और नोटिस के मामले में फॉर्म जीएसटी डीआरसी-03 के माध्यम से करदाता द्वारा मांगे गए कर की राशि का भुगतान कर सकते हैं। हालाँकि, यदि किसी डिमांड ऑर्डर के लिए भुगतान पहले ही फॉर्म जीएसटी डीआरसी-03 के माध्यम से किया जा चुका है, तो करदाता को फॉर्म जीएसटी डीआरसी-03ए को उक्त फॉर्म जीएसटी डीआरसी 03 के साथ संलग्न करना होगा, जो अब कॉमन जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध है।